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जनजातीय संगीत उत्सव में एक और सभी

2021-10-31 16:35| Publisher: Reallya| Views: 1075| Comments: 0

Description: देश के सबसे बड़े आदिवासी सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के रूप में प्रख्यात तीन दिवसीय राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य उत्सव का अंत यहां शनिवार को हुआ।

देश की सबसे बड़ी जनजाति सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के रूप में प्रख्यात तीन दिवसीय राष्ट्रीय जनजाति नृत्य उत्सव यहां शनिवार को समाप्त हुआ।
रायपुर: देश के सबसे बड़े आदिवासी सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के रूप में प्रख्यात तीन दिवसीय राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य उत्सव यहां शनिवार को समाप्त हुआ।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि मुख्य मंत्री भूपेश बागेल थे। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्रि-मण्डल मंत्री तामराद्वाज साहू, अमरजीत भागत, अनिला भीमडिया, डॉ. शिव कुमार दयारिया, मोहम्मद अकबर और रवीन्द्र चौबे उपस्थित थे। नागालैंड, राजस्थान, गुजरात, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, मणिपुर, लद्दाख और राजस्थान के आदिवासी कलाकारों ने दूसरे समारोह के अंतिम दिन दर्शकों को चकित कर दिया।
नागालैंड के संगम जनजातीय समुदाय के कलाकारों ने अपने पारंपरिक Maku नृत्य का प्रदर्शन किया। झारखंड के कलाकार मुख़्य आकर्षणों के रूप में रंगमंच की जीवंत पोशाक और मास्कों के साथ चाउ नृत्य के लिए आये। दर्शकों ने अंडमान और निकोबार के नृत्यकर्ताओं की तालियां बजायीं और उनकी पारंपरिक निकोबार नृत्य, एक प्रकार की टप नृत्य, का प्रदर्शन किया। रंगीन पोशाक पहने हुए पश्चिम बंगाल के आदिवासी कलाकारों ने संथाली लोक नृत्य से दर्शकों को captivated किया।
दर्शक स्थल पर स्थापित शिल्पग्राम का दौरा कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों के शिल्पकारों और बुनकरों की कृतियां जैसे कोसा उत्पाद, कांसे, लोहे, घण्टी धातु, बांस और मिट्टी से बने प्रतीक और चिह्न राज्य की कला और संस्कृति को चित्रित करने के लिए प्रदर्शित किए गए। वे विशाल भीड़ को आकर्षित कर रहे हैं। दीवाली के आसपास सुंदर हस्तनिर्मित मिट्टी के दिये भी यहां बिक्री के लिए रखे गए हैं।
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